Monthly Archive: May 2015

0

राष्ट्र-राज्य और भारत की राष्ट्रीय चेतना

— अशोक भारत राष्ट्रीयता असल में कबायली और क्षेत्रीय अधिकार की अंतर्निहित भावनाओं का विकास है। यह मानव मस्तिष्क की एक अवचेतन प्रक्रिया का परिणाम है। आम धारणा के विपरीत मनुष्य की भावना बिल्कुल...

0

विकास-नीति पर पुनर्विचार जरूरी

नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने पिछले लोकसभा चुनाव में देश की जनता से वादा किया था कि देश को भ्रष्टाचार मुक्त करेंगे। नौजवानों के लिए रोजगार पैदा करेंगे, किसानों के...

0

कृषि संकट और भूमि अधिग्रहण अध्यादेश

देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था गहरे संकट में है। किसानों की हालत पस्त है। पिछले एक दशक में लगभग तीन लाख किसानों ने आत्महत्या की है। यह सिलसिला बदस्तूर जारी है और महामारी की तरह...